Comprehension Passage
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए 16 से 20 प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
प्राचीन भारत में वर्णाश्रम की व्यवस्था थी। इसकी रक्षा करना राज्य का कर्तव्य था। सामाजिक संगठन में हस्तक्षेप नहीं होता था। समाज वर्णों में विभक्त था। प्रत्येक वर्ण की अपनी जीविका नियत थी, सामाजिक नियंत्रण कुछ बातों में कठोर था। खान-पान, विवाह-संबंध और जीविका के विषय में कठोर नियंत्रण था किन्तु विचार की स्वतंत्रता थी। आप चाहे ईश्वर के अस्तित्व को माने या न माने, आपका धर्म वेद-वाह्य हो, आप समाज से बहिष्कृत नहीं हो सकते। किन्तु जिस काल में प्रतिलोम विवाह मना था उस काल में प्रतिलोम विवाह करने पर समाज से पृथक होना पड़ता था और जिस काल में केवल सवर्ण विवाह की ही अनुज्ञा थी उस काल में असवर्ण विवाह करने पर समाज से अलग होना पड़ता था। इसी प्रकार अंत्यज अपनी जाति के रिवाज और नियमों से बंधे हुए थे। जो अधिकार द्विजों को प्राप्त था वह शूद्रों और दूसरे लोगों को नहीं था। आजीविका के कुलागत होने के कारण और प्रत्येक वर्ण की आजीविका के नियत होने के कारण स्वाभाविक विकास में रुकावट होती है किन्तु जो संन्यास ग्रहण करता था और घर-बार छोड़कर आध्यात्मिक चिंतन में लगता था उसके लिए सामाजिक नियम नहीं थे।इनमें से कठोर शब्द का उचित विलोम है।
1
अच्छा
2
मृदुल
3
साधारण
4
तरल