एक गद्यांश दिया गया है। गद्यांश के आधार पर पाँच प्रश्न दिए गए हैं। गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें तथा प्रत्येक प्रश्न में चार विकल्पों में से सही विकल्प चुने।
रात्रि के अंधकार को चीरकर सूर्य पूर्व दिशा से उदय होकर चारों ओर प्रकाश फैला देता है। सूर्य की किरणें वृक्षों की हरियाली को ताजगी प्रदान करती हैं। पुष्पों को खिलाकर चारों ओर सुगंध फैला देती है। अंधकार में डूबे नीले आकाश को रंगों से भर देती है। सूर्य जब पूर्व दिशा में क्षितिज से ऊपर उठता है तो लगता है लाल रंग की बड़ी सी गेंद आकाश में उठती चली आ रही है। सारा आकाश लाल, पीले, सफ़ेद रंग से नहा जाता है। नीले आकाश पर रंगों की बौछार-सी हो जाती है। सारी प्रकृति नए रूप में सज जाती है। पक्षी चहचहाने लगते हैं। तितलियां पुष्पों पर मंडराने लगती हैं | भौंरों की गूंज से उपवन संगीतमय हो जाते हैं। सभी अपने-अपने कार्य में निमग्न हो जाते हैं। रात्रि लोरियों से सबको मीठी नींद में सुला देती है। सूर्य उदय होकर सब को उनके कर्तव्यों का बोध कराता है। प्रातः कालीन दृश्य आलौकिक लगता है। सूर्य का कोमल शांत रूप हृदयों में नई ऊर्जा जागृत कर देता है।