Comprehension Passage
निर्देश: निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए व प्रश्नों के उत्तर दीजिये -
लोग कहते हैं कि ऐसे ही आलस्य के सिद्धांतों ने भारतवर्ष का नाश कर दिया है। परंतु वे यह नहीं जानते कि भारतवर्ष का नाश इसलिए नहीं हुआ कि वह आलसी है वरन इसलिए कि अन्य देशों में इस आलस्य के स्वर्ण-सिद्धांत का प्रचार नहीं हो पाया है। यदि उन देशों को भी भारत की यह शिक्षा-दीक्षा मिल गई होती, तो वे शय्या-जन्य नैसर्गिक सुख को त्याग यहाँ आने का कष्ट न उठाते। यदि बिना हाथ-पैर चलाए लेटे रहने में सुख मिल सकता है, तो कष्ट उठाने की आवश्यकता ही क्या? बेचारे अर्जुन ने ठीक ही कहा था कि युद्ध द्वारा रक्त-रंजित राज्य को प्राप्त करके मैं अश्रेय का भागी बनना नहीं चाहता। वे वास्तव में आराम से घर बैठना चाहते थे, किंतु वह भी कृष्णजी के बढ़ावे में आ गए और 'यशो लभस्व' के आगे उनकी कुछ भी न चल सकी। फिर फल क्या हुआ कि सारे वंश का नाश हो गया। इस युद्ध का कृष्ण भगवान को भी अच्छा फल मिल गया। उनका वंश भी पहले की लड़ाई में नष्ट हो गया।‘नैसर्गिक’ का विलोम क्या होगा?
1
अनियमित
2
भयभीत
3
अनैतिक
4
कृत्रिम