Comprehension Passage
कभी- कभी मैं अपने मित्रों की परीक्षा लेती हूँ, या परखने के लिए कि वह क्या देखते हैं। हाल ही में मेरी एक प्रिय मित्र जंगल की सैर करने के बाद वापस लौटीं। मैंने उनसे पूछा, “आपने क्या-क्या देखा?” “कुछ ख़ास तो नहीं,” उनका जवाब था। मुझे बहुत अचरज नहीं हुआ क्योंकि मैं अब इस तरह के उत्तरों की आदि हो चुकी हूँ। मेरा विश्वास है कि जिन लोगों की आँखें होती हैं, वे बहुत कम देखते हैं। क्या यह संभव है कि भला कोई जंगल में घंटा भर घूमे और फिर भी कोई विशेष चीज़ न देखे? मुझे-जिसे कुछ भी दिखाई नहीं देता- सैकड़ों रोचक चीजें मिलती हैं, जिन्हें मैं छू कर पहचान लेती हूँ।
उपर्युक्त गद्यांश को पढ़कर नीचे पूछे गए प्रश्न का उत्तर बताइए।
वह अपने मित्रों की परीक्षा क्यों लेती है?
1
वो क्या देखते हैं।
2
वो क्या लिखते हैं।
3
वो क्या सोचते हैं।
4
वो क्या सुनते हैं।