Comprehension Passage
जीवन का सबसे बड़ा कलाकार और सबसे सफल व्यक्ति वह है जो उपयुक्त चुनाव करना जानता है। चुनाव करने में तनिक भी भूल-चूक हो गई तो असफलता, पतन और हानि सुनिश्चित है। कुछ चुनाव हमारे वश में नहीं हैं। जैसे माता-पिता का, देश-काल का, जन्म-मृत्यु का; किन्तु कुछ चुनाव हमारे अपने वश में हैं, जिन पर हमारी सफलता और असफलता निर्भर है, जैसे काम करने या न करने का चुनाव, आलस्य और परिश्रम का चुनाव और अच्छी-बुरी संगति का चुनाव। अच्छी-बुरी संगति का चुनाव इनमें सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि इस चुनाव पर ही हमारा कर्म, हमारे विचार, हमारी भाषा का स्तर, हमारी मनुष्यता का स्तर और हमारी सफलता-असफलताओं की संभावनाएँ निर्भर हैं। मनुष्य का चित्त बुराइयों और बुरे लोगों की ओर जल्दी आकर्षित होता है, क्योंकि जिस प्रकार पानी सदैव निचाई की ओर ही तेजी से बहता है उसी तरह मनुष्य का मन बुराइयों की तरफ तेजी से भागता है । इसका कारण यह है कि अच्छाई की ओर चलने के लिए परिश्रम करना पड़ता है; ऊँचाई की तरफ चढ़ने में कष्ट उठाना पड़ता है; इसलिए बूरे लोग, बुरी घटनाएँ, ओछे वाक्य हमारा ध्यान आकर्षित करते हैं। यही हमारे विवेक और बुद्धि की परीक्षा है। अच्छे-बुरे का यह चुनाव ही हमारे भाग्य का निर्माण करता है।
कौन-सा चुनाव हमारे वश में है ?
1
माता-पिता का
2
देश-काल का
3
जन्म-मृत्यु का
4
अच्छी-बुरी संगति का