निर्देश:निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए व प्रश्नों के उत्तर दीजिये-
आज भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हैं कि कोई भी अपराधी रिश्वत देकर छूट जाता है तथा निर्दोष को सजा भी हो सकती है। लोगों में न तो कानून का भय है और न सामाजिक दायित्व की भावना। भ्रष्टाचार का प्रवाह ऊपर से नीचे की ओर बहता है। जब देश के बड़े-बड़े नेता ही घोटालों में लिप्त हों, तो नीचे क्या होगा। आश्चर्य की बात तो यह है कि आज तक किसी भ्रष्ट नेता या मंत्री को सजा नहीं मिली। विश्व के दूसरे देशों में ऐसी स्थिति नहीं है। वहाँ के लोग भ्रष्टाचारी नेता को सहन नहीं कर पाते। अमेरिका के राष्ट्रपति निक्सन को एक घोटाले के कारण ही हार का सामना करना पड़ा था। जिस देश में हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार विद्यमान हों, उसका क्या अंजाम होगा, सोच पाना कठिन है। व्यापारी लोग मिलावटी सामान बेचते हैं, सिंथेटिक दूध बाजार में बेचा जा रहा है, नकली दवाओं की भरमार है, फलों और सब्जियों को भी रासायनिक पदार्थों द्वारा आकर्षित बनाकर बेचा जाता है, चाहे इससे लोगों की जान ही क्यों न चली जाए। कर-चोरी आम बात हो गई है। तस्करी का समान खुलेआम बिकता दिखाई देता है। कोई भी अपराध हो जाए, भ्रष्टाचारी रिश्वत देकर छूट जाता है। अनेक बार तो उच्च अधिकारियों के संरक्षण में भी भ्रष्टाचार पनपता है। अधिकारियों की जेबें भरने के बाद किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होती। भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए स्वच्छ प्रशासन तथा नियमों का कड़ाई से पालन आवश्यक है। एक भ्रष्टाचार मुक्त समाज का निर्माण करने के लिए कृतसंकल्प होना पड़ेगा।