आधुनिक काल में पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था जिस तरह आपस में जुड़ी हुई हैं उसे वैश्वीकरण या ग्लोबलाइजेशन कहते हैं। उदाहरण के लिये माइक्रोसॉफ्ट को लीजिए।माइक्रोसॉफ्ट का हेडक्वार्टर अमेरिका में है। इस कंपनी के सॉफ्टवेअर के कुछ अंश भारत और अन्य कई देशों में बनते हैं। माइक्रोसॉफ्ट के सॉफ्टवेयर पूरी दुनिया में इस्तेमाल किये जाते हैं। अमेरिका का फोर्ड मोटर एक अन्य उदाहरण हो सकता है। फोर्ड की कारें चेन्नई में बनती हैं और चेन्नई में बनी कारें बिक्री के लिये कई देशों तक जाती हैं। इसके अलावा इस कंपनी के गियर बॉक्स किसी अन्य देश में बनते होंगे, सीट बेल्ट किसी और देश में, लाइट, रियर व्यू मिरर किसी अन्य देश में बनते होंगे। कार के लगभग सभी पार्ट अलग अलग वेंडर द्वारा फोर्ड मोटर को सप्लाई किये जाते हैं, जिन्हें एक साथ जोड़कर कार बनाई जाती है। इन सभी क्रिया-कलापों से पूरी दुनिया में रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। आप भी किसी अन्य उत्पाद या सेवा के बारे में सोच सकते हैं जिसका उत्पादन दुनिया के विभिन्न भागों में होता है। इससे विश्व भर की अर्थव्यवस्थाओं में परस्पर निर्भरता का जन्म होता है।
मान लीजिए कि किसी कंपनी को कोई काम करवाना है। उसके लिये पहला विकल्प होगा कि अपने देश में ही काम करवाया जाये जहाँ इसकी लागत अधिक आएगी। अगला विकल्प होगा कि उस काम को किसी ऐसे देश में करवाया जाए, जहाँ इसकी लागत कम आयेगी। यह साफ है कि कोई भी कम्पनी दूसरे विकल्प को चुनेगी । भारत, मलेशिया, चीन और ताइवान में कच्चे माल कम कीमत पर उपलब्ध हैं और इन देशों में मजदूर भी सस्ते में मिल जाते हैं। इससे उत्पादन की लगत कम हो जाती है और कम्पनी को बेहतर मुनाफा होता है। इसलिये जब आप कोई कम्प्यूटर खरीदते हैं, तो उसके कुछ पार्ट मलेशिया या ताइवान में बने होते हैं, प्रोसेसर भारत में बना होता है और सॉफ्टवेयर अमेरिका से आता है। अंतिम उत्पाद उस देश में बनता है जहाँ इसे बेचा जाना है। नये बाजार की तलाश: यदि घरेलू बाजार के ज्यादातर ग्राहकों ने किसी उत्पाद को खरीद लिया है और वहाँ अब न के बराबर खपत होने की संभावना हो, तो कम्पनी को अपना बिजनेस बढ़ाने के लिये कोई न कोई योजना बनानी पड़ेगी। किसी नये बाजार में नये ग्राहकों को तैयार करके बिक्री बढ़ाई जा सकती है। आज के दौर में विश्व की कुल आबादी का एक चौथाई हिस्सा चीन और भारत में रहता है। ऐसे में जो भी कम्पनी अधिक बिक्री चाहती है वह इन दो महत्वपूर्ण बाजारों को नजरअंदाज नहीं कर सकती।
उपर्युक्त गद्यांश को पढ़कर नीचे पूछे गए प्रश्न का उत्तर बताइए ।