अति मलीन वृषभानुकुमारी । अधोमुख रहित, उरध नहिं चितवत, ज्यों गथ हारे थकित जुआरी । छूटे चिहुर बदन कुम्हिलानो, ज्यों नलिनी हिमकर की मारी।।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?
1
अनुप्रास
2
उत्प्रेक्षा
3
रूपक
4
उपमा
अति मलीन वृषभानुकुमारी । अधोमुख रहित, उरध नहिं चितवत, ज्यों गथ हारे थकित जुआरी । छूटे चिहुर बदन कुम्हिलानो, ज्यों नलिनी हिमकर की मारी।।
प्रस्तुत पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है ?