'संकेतवाचक वाक्य’ से:
1
किसी क्रिया के करने या होने की सामान्य सूचना मिलती है।
2
एक क्रिया के दूसरी क्रिया पर निर्भर होने का बोध होता है।
3
आश्चर्य, शोक, घृणा, प्रेम हर्ष आदि के भाव प्रकट होते हैं।
4
इच्छा, शुभ भावना या आशीर्वाद का भाव लक्षित होता है।