"बिनु पग चलइ सुनइ बिनु काना।
कर बिनु करम करै विधि नाना।।
आनन रहित सकल रस भोगी।
बिनु बानी वक्ता बड़ जोगी।।” काव्य पंक्तियों में अलंकार है।
1
रूपक अलंकार
2
अतिश्योक्ति अलंकार
3
विभावना अलंकार
4
उपमेयोपमा अलंकार
"बिनु पग चलइ सुनइ बिनु काना।
कर बिनु करम करै विधि नाना।।
आनन रहित सकल रस भोगी।
बिनु बानी वक्ता बड़ जोगी।।” काव्य पंक्तियों में अलंकार है।