Teaching Jharkhand (JSSC) TGT (6 to 8) Mock Test 2023-24 हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास आधुनिक काल
"वे रूहें चुपचाप धुँध के समुद्र में बढती जा रही हैं ... बसों में भीड़ है। लोग ठंडी सीटों पर सिकुडे हुए बैठे हैं और कुछ लोग बीच में ही ईसा की तरह सलीब पर लटके हुए हैं बाँहें पसारे, उनकी हथेलियों में कीलें नहीं, बस की बर्फीली, चमकदार छड़ें हैं।"
उपरोक्त अंश किस कहानी से लिया गया है?
1
मिस पाल
2
मधुआ
3
परिंदे
4
दिल्ली में एक मौत