प्रेमचंद की 'नमक का दारोगा' कहानी के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है ?
1
यह अपनी पूर्णता में आदर्शोन्मुख यथार्थवाद की कहानी है।
2
यह धन के ऊपर धर्म की जीत की कहानी है।
3
कहानी का अंत निराशा में होता है।
4
यह व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार की व्यापक सामाजिक स्वीकार्यता को अत्यंत साहसिक तरीके से हमारे सामने लाती है।
5
अनुत्तरित प्रश्न