Teaching AWES Army Public School PRT Mock Test 2024 हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास आधुनिक काल
मधुप गुनगुना कर कह जाता, कौन कहानी यह अपनी,
मुरझाकर गिर रहीं पत्तियाँ, देखो कितनी आज घनी।
इस गंभीर अनंत-नीलिमा में असंख्य जीवन-इतिहास,
यह लो, करते ही रहते हैं, अपना व्यंग्य मलिन उपहास।
तब भी कहते हो-कह डालूँ, दुर्बलता अपनी बीती,
तुम सुनकर सुख पाओगे, यह गागर रीति।
कवि के जीवन की गागर कैसी है?
1
रंगीन
2
खाली
3
भरी
4
सुनहरी