पायनि नूपुर मंजु बजे कटि-किंकिनि की धुनि की मधुराई।
साँवरे अंग लसे पट पीत हिये हुलसै बनमाल सुहाई।
माथे किरीट बड़े दृग चंचल मंद हँसी मुखचंद जुन्हाई।
जै जग-मंदिर-दीपक सुंदर श्री ब्रज-दूलह देव-सहाई॥
उपरोक्त पंक्तियां किस छंद में लिखी गई हैं?
1
सवैया
2
कवित्त
3
दोहा
4
रोला