"अपने कर से खिला, धुला मुख,
धूल पोंछ, सज्जित कर गात,
थमा खिलौने, नहीं सुनाती
हमें सुखद परियों की बात!"
उपरोक्त पंक्तियों के कवि हैं?
1
भगवतीचरण वर्मा
2
सुमित्रानंदन पंत
3
नागार्जुन
4
अज्ञेय