Comprehension Passage

एक गद्यांश दिया गया है। गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें तथा प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्पों में से सही विकल्प चुने।

संपूर्ण विश्व मे 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य नारी को उसके अधिकारों के प्रति प्रोत्साहित कर उसे सशक्त होने का अवसर प्रदान करना है जिससे वह ना केवल खुद को सशक्त कर सके बल्कि उन्नत समाज के लिए महत्तवपूर्ण योगदान दे सके। भारत में, महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये सबसे पहले समाज में उनके अधिकारों और मूल्यों को मारने वाले उन सभी राक्षसी सोच को मारना जरूरी है। जैसे- दहेज प्रथा, यौन हिंसा, अशिक्षा, भ्रूण हत्या, असमानता, महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा, कार्य स्थल पर यौन शोषण, बाल मजदूरी, वेश्यावृत्ति, मानव तस्करी आदि। स्त्री को सृजन की शक्ति माना जाता है। इस सृजन की शक्ति को विकसित-परिष्कृत कर उसे सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक न्याय, विचार, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, अवसर की समानता का सुअवसर प्रदान करना ही नारी सशक्तिकरण का आशय है। बदलते समय के साथ आधुनिक युग की नारी पढ़-लिख कर स्वतंत्र है। वह अपने अधिकारों के प्रति सजग है तथा स्वयं अपना निर्णय लेती है। अब वह चारदीवारी से बाहर निकलकर देश के लिए विशेष महत्तवपूर्ण कार्य करती है। आज स्त्री की छवि भले ही “पवित्र आदरणीय देवी" की नहीं है लेकिन भारतीय संस्कृति के इतिहास के पत्ने पलट कर देखे तो नर और नारी को गृहस्थी की गाड़ी चलाने के लिए दो पहियों की भांति माना गया है। एक के बिना दूसरा अधूरा तथा आश्रयहीन था। आज देश में नारी शक्ति को सभी दृष्टि से सशक्त बनाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

आधुनिक युग में क्या बदलाव देखने को मिला है?

1
नारी पढ़-लिखकर चार दीवारी में है।
2
नारी पढ़-लिखकर स्वतंत्र है।
3
नारी दहेज़ प्रथा व यौन शोषण का शिकार।
4
अपने अधिकारों के प्रति सजग नहीं है।

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