गरिमा कक्षा दो में पढ़ती है। वह हर शब्द का उच्चारण अशुद्ध रूप से करती है। महिमा उसकी शिक्षिका है, वह बहुत ही संवेदनशील है। कक्षा के प्रत्येक बच्चे को वह बहुत प्यार करती है। उनकी गलतियों पर डाँटती नहीं बल्कि प्यार से समझाती भी है। महिमा के प्रयास से गरिमा धीरे-धीरे शुद्ध उच्चारण करना सीख गयी है इससे यह सिद्ध होता है कि गरिमा की प्रारंभिक अवस्था में उच्चारण दोष होने का कारण रहा।
1
अभ्यास का अभाव
2
ज्ञान का अभाव
3
भाषा के व्याकरण का अभाव
4
उचित निर्देशों का अभाव