निर्देशः नीचे दिये गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
जैसे-जैसे भारतवर्ष में नवीन जागरण उत्पन्न हुआ है, वैसे-वैसे पुरानी पोथियों के संग्रह करने और पढ़ने की ओर भी प्रवृत्ति बढ़ती गई है। कश्मीर, नेपाल, तिब्बत, केरल, तमिल आदि प्रदेशों से अनेक नूतन ग्रथरत्नों का उद्धार हुआ है। कौंटिल्य का प्रसिद्ध अर्थशास्त्र पाया जा सका है, टी. गणपति शास्त्री ने भास के नाटकों का उद्धार किया है, हरप्रसाद शास्त्री के परिश्रम से नेपाल दरबार लाइब्रेरी से अनेक ग्रंथरत्नों का पता चला है, मुकुन्दराम शास्त्री ने कश्मीर की ग्रंथराशि को प्रकाशित करने का प्रयत्न किया है, श्रीधर ने वैष्णव संहिताओं के अध्ययन की ओर विद्वानमंडलों का ध्यान आकृष्ट किया है, के प्रयत्नों से तंत्र-ग्रन्थों के अध्ययन को बल मिला है और राहुल जी ने तिब्बत से अनेक बहुमूल्य बौद्ध ग्रंथो का उद्धार किया है।-