निर्देश: विज्ञान शब्द की परिभाषा और क्षेत्र तथा इसकी प्रौद्योगिकी से भिन्नता के विषय में स्पष्ट ज्ञान होना आवश्यक है। कुछ शक्तिशाली व्यक्तियों में, जिनके पास मानव जाति के भविष्य की चाबी है, शायद विज्ञान ही केवल एक महत्त्वपूर्ण अनुपम स्थिति में बिना किसी आपत्ति के सबके द्वारा स्वीकार किया जाने वाला विषय है। आज विज्ञान से हमारा अर्थ हमारे विश्व और उसके परिवेश के मूल ज्ञान से, इसके सभी क्षेत्रों में ज्ञान की नियन्त्रित और नियमित खोज से है, परन्तु इस ज्ञान का प्रयोग जरूरी नहीं कि सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए किया जाए। प्रौद्योगिकी में हम उन अनगिनत विधियों का उल्लेख करते हैं, जिनसे विज्ञान को मानव सेवा के लिए प्रयुक्त किया जा सके। दोनों में स्पष्ट अन्तर बताने के लिए आण्विक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के वर्तमान सर्वाधिक लोकप्रिय क्षेत्रों से उदाहरण दिए जा सकते हैं। यह 'विज्ञान' है, जिसमें भारी धात्विक तत्त्व यूरेनियम के नाभिक से अलग या विखण्डित हुए अंशों की प्रकृति और संख्या का मापन होता है। यह प्रौद्योगिकी है, जिसमें इस वैज्ञानिक 'ज्ञान' का प्रयोग बिजली बनाने के लिए परमाणु बिजलीघर की रूप-रेखा या उसे बनाने में किया जाता है। यह भी प्रौद्योगिकी है, जो नैतिक रंग ले लेती है और नैतिकता तथा अनैतिकता को अंकित करती है। विज्ञान तटस्थ या अनैतिक है और कभी भी मैतिक आचार या मानवीय कल्याण का विरोध नहीं कर सकता, यद्यपि एक वैज्ञानिक और तकनीशियन एक मानव होने के नाते इसका विरोध कर सकते हैं।