जसोदा ! कहां कहौ हौं बात ?
तुम्हरे सूत के करतब मो पै कहत कहे नहिं जात,
भाजन फोरी, ढारि सब गोरस, ले माखन दधि खात।।
उपर्युक्त पंक्तियाँ किस कवि की हैं ?
1
चतुर्भुज दास
2
सूरदास
3
कुंभनदास
4
नन्ददास
5
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