Comprehension Passage

निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए-

भारतीय समाज में नारी की स्थिति सचमुच विरोधाभासपूर्ण रही है। संस्कृति पक्ष से उसे 'शक्ति' माना गया है तो लोकपक्ष से उसे 'अबला' कहा गया है। सदियों के संस्कारों की जड़े इतनी गहरी होती है, कि उन्हें न तो कुछ वर्षों की शैक्षणिक प्रगति खो आन्दोलनों से उन्हें हिलाया जाता सकता है। अतः स्थिति पूर्ववत् ही बनी रही। यह स्थिति कई मामलों में अब भी उलझी हुई है और दिशा अस्पष्ट है, क्योंकि यहां हर प्रश्न को पश्चिमी आईने में देखा गया। तटस्थ समाजशास्त्रीय दृष्टि इस बारे में नहीं रह स्त्रियों को स्थिति और प्रगति बहुत कुछ स्थानीय, सामुदायिक व जातीय परम्पराओं पर आधारित है। एक ही धर्म और एक ही भौगोलिक स्थिति के भीतर (किसी राज्य में) कहीं मातृसत्तात्मक परिवार में स्त्री ही मुखिया है और उसे अधिकार प्राप्त हैं। व उनकी स्थिति सम्मानजनक रही। समाजशास्त्रीय दृष्टि इन विभिन्नताओं को रेखांकित करती है। हमारा दुर्भाग्य यह रहा है कि हम पश्चिमी देशों के अन्धानुकरण को अपनी प्रगति मान बैठे हैं। 'वीमेंसलिब' का अतिवाद पश्चिमी देशों को परिवारवाद की और हमारे जैसे बुनियादी समस्याएं भू आगे होकर उसी मुक्ति आन्दोलन को अपनाने की होड़ में लगे हैं। यह सब दिशाहीन यात्रा है। स्थानीय और राष्ट्रीय परम्पराओं और स्थितियों के अनुरूप कोई लक्ष्य, कोई स्पष्ट दिशा निर्धारित किए बिना, बिना इसको किए कि 'स्त्रीवाद' का अर्थ परिवार तोड़ना या सामाजिक विघटन लाना नहीं है और न ही आजाद होने का मतलब यह है कि औरत औरत न रहे, हम अपने यहां इस आन्दोलन को चला रहे हैं।

उपर्युक्त गद्यांश के संदर्भ में असत्य कथन का चयन कीजिए-

1
हमारे यहां विभिन्न समाजों में स्त्रियों की स्थिति और प्रगति बहुत कुछ स्थानीय, सामुदायिक व जातीय परम्पराओं पर आधारित है। 
2
हमारा दुर्भाग्य यह रहा है कि हम पश्चिमी देशों के अन्धानुकरण को अपनी प्रगति नहीं मानते। 
3
एक ही धर्म और एक ही भौगोलिक स्थिति के भीतर (किसी राज्य में) कहीं मातृसत्तात्मक परिवार में स्त्री ही मुखिया है और उसे अधिकार प्राप्त हैं। 
4
भारतीय समाज में नारी की स्थिति सचमुच विरोधाभासपूर्ण रही है।

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation