नयनों को रोने दे, मन संकीर्ण न बन, प्रिय बैठे हैं I
आँखों से ओझल हो गए नहीं वे कहीं यहीं पैठे हैं I
उपरोक्त पंक्तियों में कौन सा रस है?
1
हास्य रस
2
शांत रस
3
वियोग शृंगार रस
4
संयोग शृंगार रस
नयनों को रोने दे, मन संकीर्ण न बन, प्रिय बैठे हैं I
आँखों से ओझल हो गए नहीं वे कहीं यहीं पैठे हैं I
उपरोक्त पंक्तियों में कौन सा रस है?