Comprehension Passage
नीचे दिये गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के उत्तर दें।
भारतेंदु हरिश्चंद्र का जन्म 1850 ई. में हुआ। उनकी मृत्यु 1885 ई. में हुई। इतनी अल्प आयु में ही उन्होंने साहित्य की इतनी बड़ी सेवा की। उनकी रचनाओं की संख्या बड़ी है, उन्होंने साहित्य की विविध विधाओं को समृद्ध किया, अनेक विधाओं का प्रवर्तन किया। वे हिंदी साहित्य में आधुनिक युग के प्रवर्तक हैं। 18 वर्ष की आयु में ही उन्होंने बंगला से विद्यासुंदर नाटक का हिंदी में अनुवाद किया। इसी समय अर्थात् 1868 ई. में उन्होंने कविवचन सुधा नामक पत्रिका निकाली। इसमें साहित्यिक रचनाएँ तो होती ही थीं, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक विचार और टिप्पणी भी होती थीं।
विद्यासुंदर क्या है?
1
नाटक
2
निबंध
3
कहानी
4
उपन्यास