कबीरदास कृत पंक्तियाँ हैं-
A. दसरथ सुत तिहुँ लोक बखाना।
B. गहना एक कनक ते गहना, इन मह भाव न दूजा।
C. गुन निर्गुन कहियत नहि जाके।
D. तंत्र न जानूँ, मंत्र न जानूँम जानूँ सुंदर काया।
E. मन मेरी सुई, तन तेरा धागा।
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केवल A, C, E
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केवल A, B, D
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केवल B, D, E
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केवल E, D, A
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अनुत्तरित प्रश्न