'ध्रुवस्वामिनी' नाटक में आए गीतों को पहले से बाद के क्रम में लगाएं-
A. अस्ताचल पर युवती सन्ध्या की खुली अलक घुँघराली है।
लो, मानिक मदिरा की धारा अब बहने लगी निराली है।
B. यौवन! तेरी चंचल छाया।
इसमें बैठ घूँट भर पी लूँ जो रस तू है लाया।
C. यह कसक अरे आँसू सह जा।
बनकर विनम्र अभिमान मुझे
मेरा अस्तित्व बता, रह जा।
D. पैरों के नीचे जलधर हों, बिजली से उनका खेल चले।
संकीर्ण कगारों के नीचे, शत-शत झरने बेमेल चलें ॥
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए-
1
C, D, B, A
2
D, C, B, A
3
B, C, D, A
4
C, B, A, D
5
अनुत्तरित प्रश्न