नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन-I : भामह ने पुरुषार्थ-चतुष्टय, कीर्ति, प्रीति और समस्त कलाओं के ज्ञान को काव्य का प्रयोजन माना है।
कथन-II : भोजराज और वामन के अनुसार कीर्ति और प्रीति काव्य के प्रयोजन हैं।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:
1
कथन I और II दोनों सत्य हैं
2
कथन I और II दोनों असत्य हैं
3
कथन I असत्य है, लेकिन कथन II सत्य है
4
कथन I सत्य है, लेकिन कथन II असत्य है।
5
अनुत्तरित प्रश्न