निर्देश - निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए।
जनता के पास लोकतंत्र में चुनाव ही वह अस्त हुआ करता है जिसके द्वारा वह शासक दल और विरोधी-दल दोनों पर अंकुश और नियंत्रण लगाए रख सकती है, पर अपने इस अचूक अस्त के प्रयोग के लिए लोकतंत्रीय व्यवस्था वाले देशों में जनता का सभी प्रकार से जागरूक तथा सावधान होना बहुत आवश्यक हुआ करता है। सामाजिक, राजनैतिक आदि सभी पहलुओं से जागरूक जनता ही चुनाव के माध्यम से देश या प्रांतों के प्रशासन में ऐसे व्यक्तियों को भेज सकती है जो वास्तव में निहित स्वार्थों से ऊपर उठकर जनसेवा के कार्यों में रुचि रखने वाले हों, त्याग और बलिदान की भावना से भरकर जनता और राष्ट्रहित को ही सर्वोच्च मानने वाले हों और उनमें ऐसा सब कर सकने की शक्ति और क्षमता भी पूर्ण रूप से विद्यमान हो। इस जागरूकता और सावधानी के अभाव में चुनावों का नाटक और लोकतंत्र खिलवाड़ बनकर रह जाया करते हैं।