संत साहित्य के संबंध में असंगत कथन छाँटिए :
1
सिद्धों के चर्यापदों में संतों के पदों का मूल स्रोत दृष्टिगोचर होता है ।
2
संत काव्य रूपों में प्रयुक्त शब्द या सबद वस्तुतः गुरु के ज्ञान का प्रतीक है ।
3
संतों के पदों में प्रधानतः शृंगार व करुण रस का परिपाक हुआ है ।
4
रमैनियों की रचना दोहों तथा चौपाइयों में की गई है ।