Teaching REET Mock Test Series 2024-25 Level 1 & 2 (Hindi-Sanskrit-English) हिन्दी साहित्य पाठ बोधन गद्यांश
Comprehension Passage
निर्देश: ज्ञान वृद्धि और आनंद की प्राप्ति का एक प्रमुख साधन अध्ययन है। वह आत्म-संस्कार के विधान का एक अंग है। किसी जाति के साहित्य में गति प्राप्त करने का कोई और द्वार नहीं है। किसी जाति के भाव और विचार साहित्य में ही व्यक्त रहते हैं तथा उसी में उसकी उन्नति के क्रम का लेख रहता है। मनुष्य जाति के सुख और कल्याण के विषय में संसार में प्रतिभा सम्पन्न लोगों ने जो सिद्धांत स्थिर किए हैं उन्हें जानने का साधन स्वाध्याय ही है। जो पढ़ता है नहीं, उसे इस बात की खबर ही नहीं रहती कि मनुष्य की ज्ञान परंपरा किस सीमा तक पहुंच चुकी है। वह और यह जानता ही नहीं कि मनुष्यों के श्रम से एक मार्ग तैयार हो चुका है।
"मनुष्य की ज्ञान परंपरा किस सीमा तक पहुंच चुकी है?" वाक्य को तत्कालिक वर्तमान में परिवर्तित करिए?
1
मनुष्य की ज्ञान परंपरा किस सीमा तक पहुंचती है?
2
मनुष्य की ज्ञान परंपरा किस सीमा तक पहुंच रही है?
3
मनुष्य की ज्ञान परंपरा किस सीमा तक पहुंच जाएगी?
4
मनुष्य की ज्ञान परंपरा की सीमा तक पहुंच गई होगी?
5
अनुत्तरित प्रश्न