Comprehension Passage

मेरी भूमि तो है पुण्यभूमि वह भारती,

सौ नक्षत्र-लोक करें आके आप आरती।

नित्य नये अंकुर असंख्य वहाँ फूटते,

फूल झड़ते हैं, फल पकते हैं, टूटते।

सुरसरिता ने वहीं पाई हैं सहेलियाँ,

लाखों अठखेलियाँ, करोड़ों रंगरेलियाँ।

नन्दन विलासी सुरवृन्द, बहु वेशों में,

करते विहार हैं हिमाचल प्रदेशों में।

सुलभ यहाँ जो स्वाद, उसका महत्त्व क्या ?

दुःख जो न हो तो फिर सुख में है सत्त्व क्या ?

दुर्लभ जो होता है, उसी को हम लेते हैं,

जो भी मूल्य देना पड़ता है, वही देते हैं।

हम परिवर्तनमान, नित्य नये हैं तभी,

ऊब ही उठेंगे कभी एक स्थिति में सभी।

रहता प्रपूर्ण हमारा रंगमंच भी,

रुकता नहीं है लोक नाट्य कभी रंच भी।

नंदनवन में विहार करने वाले देवता किस प्रदेश में आकर विहार करते हैं?

1
भारत
2
हिमाचल
3
पुण्यभूमि
4
रंगमंच

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation