Comprehension Passage
नीचे दिए गए पद्यांश को पढ़ने के उपरांत सबसे सटीक विकल्प का चयन कीजिए -
कुछ भी बन, बस कायर मत बन !
ठोकर मार, पटक मत माथा,
तेरी राह रोकते पाहन!
कुछ भी बन, बस कायर मत बन !
ले-दे कर जीना, क्या जीना ?
कब तक गम के आँसू पीना ?
मानवता ने सींचा तुझको
बही युगों तक खून-पसीना !
कुछ न करेगा? किया करेगा
रे मनुष्य-बस कातर कूदन ?
कुछ भी बन, बस कायर मत बन !
‘युद्धं देहि’ कहे जब पामर,
दे न दुहाई पीठ फेर कर !
या तो जीत प्रीति के बल पर,
या तेरा पथ चूमे तस्कर !
प्रतिहिंसा भी दुर्बलता है,
पर कायरता अधिक अपावन !
कुछ भी बन, बस कायर मत बन!
कविता में मूलभाव निहित है-
1
जीवन में दुःख और सुख की अनिवार्यता को बताया गया है।
2
जीवन में आने वाली कठिनाइयों से संघर्ष करने की प्रेरणा दी गयी है।
3
जीवन को सहज बनाने की उपयोगिता को बताया गया है।
4
जीवन में किये गये कार्य के प्रति बहादुरी दिखाने की बात की गयी है।