"विषयवासना की ओर मनुष्य की स्वाभाविक प्रवृत्ति के कारण कुछ दिनों से रामभक्ति मार्ग के भीतर भी शृंगारी भावना का अनर्गल प्रवेश हो रहा है।"
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार ईस शृंगारी भावना के प्रवर्तक कौन थे?
1
नाभादास
2
प्राणचंद चौहान
3
हृदयराम
4
रामचरणदास जी