Comprehension Passage
नीचे दिये गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
शुक्ल जी कबीर की प्रतिभा के कायल तो थे लेकिन उनके काव्य की मार्मिकता के बारे में प्रायः मौन थे। वे निर्गुण पंथ की ज्ञानाश्रयीधारा को लोक-भूमि पर स्थित नहीं मानते थे। निर्गुणपंथ का हठयोग और उनकी रहस्यात्मक अंतस्साधना, उलटबाँसी शुक्ल जी की रूचि की नहीं थी। सवर्ण-समाज से उपेक्षित और तिरस्कृत अवर्णों की विचारधारा और उनकी भावना सवर्ण विचारधारा से भिन्न होंगी, इसे शुक्ल जी ने नहीं समझा। इसलिए पं. हजारीप्रसाद द्विवेदी को कबीर की जुलाहा जाति, वर्णव्यवस्था के प्रति उनके विद्रोह-आक्रोश को समझाने की आवश्यकता पड़ी। द्विवेदी जी ने कबीर को साहित्यिक भूमि पर नए सिरे से प्रतिष्ठित किया।
कबीर का संबंध किस जाति से था ?
1
निषाद
2
अहीर
3
जुलाहा
4
हरिजन