"देख यशोदा शिशु मुख में सकल विश्व की माया। क्षणभर को वह बनी अचेतन, हिल न सकी कोमल काया।" इस पंक्ति में कौनसा रस है?
1
करुण
2
शांत
3
अद्भुत
4
वीर
"देख यशोदा शिशु मुख में सकल विश्व की माया। क्षणभर को वह बनी अचेतन, हिल न सकी कोमल काया।" इस पंक्ति में कौनसा रस है?