“अधर-मधुरता, कठिनता –कुच, तीक्षनता-त्यौर”
उक्त दोहे के द्वारा किस आचार्य कवि ने काव्य-रसिक को परिभाषित किया है ?1
चिंतामणि
2
भिखारीदास
3
जसवंत सिंह
4
बेनी प्रवीन
“अधर-मधुरता, कठिनता –कुच, तीक्षनता-त्यौर”
उक्त दोहे के द्वारा किस आचार्य कवि ने काव्य-रसिक को परिभाषित किया है ?