बहु बीती थोरी रही, सोउ बीती जाय I
हित ध्रुव बेगि बिचारि कै बसि वृंदावन आय II
- पंक्तियाँ किस कवि की है ?
1
सूरदास
2
कुम्भनदास
3
ध्रुवदास
4
रहीम
बहु बीती थोरी रही, सोउ बीती जाय I
हित ध्रुव बेगि बिचारि कै बसि वृंदावन आय II
- पंक्तियाँ किस कवि की है ?