"शमशेर की आत्मा ने अपनी अभिव्यक्ति का एक प्रभावशाली भवन अपने हाथों तैयार किया है। उस भवन में जाने से डर लगता है- उसकी गंभीर प्रयत्न साध्य पवित्रता के कारण।"
उपर्युक्त कथन किसका है?
1
अज्ञेय
2
डॉ. नगेन्द्र
3
मुक्तिबोध
4
रामस्वरुप चतुर्वेदी
"शमशेर की आत्मा ने अपनी अभिव्यक्ति का एक प्रभावशाली भवन अपने हाथों तैयार किया है। उस भवन में जाने से डर लगता है- उसकी गंभीर प्रयत्न साध्य पवित्रता के कारण।"
उपर्युक्त कथन किसका है?