"कृष्ण काव्य का वर्ण्य विषय कृष्ण भक्ति में ही सीमित न रहकर नख-शिख, ऋतु वर्णन और नायिका भेद में विस्तार पाने लगा। इस समय भाषा परिमार्जित हो गई थी, अतः अलंकार योजना भी भाषा के साथ होने लगी थी।"- कृष्ण काव्य से संबंधित यह कथन किसका है?
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रामकुमार वर्मा
2
रामचन्द्र शुक्ल
3
हजारीप्रसाद द्विवेदी
4
नामवर सिंह