'रीति सिद्ध' काव्य धारा में उन कवियों को रखा गया है-
1
जिन्होंने काव्यांग-निरूपण करते हुए लक्षण-उदाहरण पद्धति पर काव्य-रचना की।
2
जिन्होंने काव्यांग-निरूपण करते हुए लक्षण तो दिए, परन्तु उदाहरण स्वरूप काव्य-रचना नहीं की।
3
जिन्होंने लक्षण-उदाहरण पद्धति तो नहीं अपनाई, परन्तु काव्य-रचना करते समय लक्षणों का ध्यान अवश्य रखा।
4
जिन्होंने लक्षण-उदाहरण की पद्धति नहीं अपनाई और काव्य-रचना करते समय लक्षणों पर ध्यान भी नहीं दिया।