"आज इस पराजय की बेला में
सिद्ध हुआ
झूठी थी सारी अनिवार्यता भविष्य की
केवल कर्म सत्य है मानव जो करता है, इसी समय
उसी में निहित है भविष्य
युग युग तक का I"
'अंधायुग' नाटक का उक्त संवाद किस अंक से उदधृत है ?
1
कौरव नगरी
2
गांधारी का शाप
3
प्रभु की मृत्यु
4
पशु का उदय