Teaching BPSC बिहार माध्यमिक TGT (9 to 10) शिक्षक भर्ती 4.0 Mock Test हिन्दी साहित्य पाठ बोधन गद्यांश
Comprehension Passage
नीचे दिए गये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और चार विकल्पों में से प्रत्येक प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर चुनें।
आदर्श व्यक्ति कर्मशीलता में ही अपने जीवन की सफलता समझता है। जीवन का प्रत्येक क्षण वह कर्म में लगाता है। विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है। शेष समय जन सेवा में व्यतीत होता है। हाथ पर हाथ धरकर बैठने को वह मृत्यु के समान समझता है। काम करने की उसमें लगन होती है। उत्साह होता है। विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है। धैर्य की कुदाली से वह बड़े-बड़े संकट पर्वतों को ढहा देता है। उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग दाँतो तले ऊँगली दबाते हैं। संतोष उसका धन है। वह परिस्थतियो का दास नहीं। परिस्थितियाँ उसकी दासी हैं।
अनुच्छेद के अनुसार आदर्श व्यक्ति किसमें अपने जीवन की सफलता समझता है?
1
कर्मशीलता
2
संबंध
3
ठहराव
4
उपर्युक्त में से एक से अधिक
5
उपर्युक्त में से कोई नहीं