सतगुरु की महिमा अनंत, अनंत किया उपगार।
लोचन अनंत उघाड़िया, अनंत दिखावण्हार।।
इन पंक्तियों में कौन सा रस निहित है?
1
वात्सल्य
2
संयोग शृंगार
3
शांत रस
4
वीर रस
सतगुरु की महिमा अनंत, अनंत किया उपगार।
लोचन अनंत उघाड़िया, अनंत दिखावण्हार।।
इन पंक्तियों में कौन सा रस निहित है?