एक गद्यांश दिया गया है। गद्यांश के आधार पर पाँच प्रश्न दिए गए हैं। गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें तथा प्रत्येक प्रश्न में चार विकल्पों में से सही विकल्प चुने ।
मनुष्य और पर्यावरण इन दोनों का संबंध सबसे पुराना है। मनुष्य को इस पर्यावरण अन्य प्रकार चीज़ उपलब्ध होती हैं। प्रकृति यह मानवी जीवन को मिली हुई एक देन हैं। इसके कारण इस धरती पर मनुष्य और सभी सजीव सृष्टि यानि पशु-पक्षी, जानवर आदि निवास करते हैं। मनुष्य को इस प्रकृति के द्वारा जंगल, पहाड़, पर्वत, नदी यह सभी चीज़े उपहार के रूप में दी हैं। इन सभी के बिना कोई भी मनुष्य या वन्य जीव अपने जीवन की कल्पना नहीं कर सकते हैं। इस पर्यावरण में अन्य प्रकार के वन्य जीव रहते हैं। जिनका आकार, रंग-रूप, उनकी जीवन शैली तथा राहणीमान अलग-अलग हैं। वन्य जीवों के कारण इस प्रकृति की शोभा और बढ़ जाती हैं। वन्य जीव वातावरण के सुंदरता को बनाये रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मानव अपनी सुख-सुविधाओं के लिए वनों की कटाई करने लगा हैं क्योंकि वनों से मनुष्य को विविध प्रकार की साधन संपत्ति मिलती हैं। उसका उपयोग मनुष्य अपने जीवन में करता हैं। मनुष्य उस वनों को नष्ट करके वन्य जीवों का घर उजाड़ते हैं। इसके कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ने लगा हैं। धरती पर अन्य प्रकार की आपदाएं भी आने लगी हैं। इसके कारण मनुष्य से लेकर पूरे वन्य जीवों को भी बहुत नुकसान पहुँच रहा हैं। इसके कारण वन्य जीवों की प्रजाति नष्ट होने लगी हैं। मनुष्य को अपना अस्तित्व बनाकर रखने के लिए पर्यावरण का संरक्षण करना आवयश्क है। मनुष्य को वन्य जीवों को बचाकर रखना हैं, तो उन्हें अन्य प्रकार के प्रदूषण और जंगलो की कटाई पर प्रतिबंध लगाना होगा।