Comprehension Passage

निर्देशः इस पद्य को ध्यान से पढ़े और नीचे दिए गए प्रश्न का उत्तर देंः

छोड़ो मत अपनी आन, सीस कट जाए,

मत झुको अनय पर, भले व्योम फट जाए।

दो बार नहीं यमराज कंठ धरता है,

मरता है जो, एक ही बार मरता है।

तुम स्वयं मरण के मुख पर, चरण धरो रे,

जीना है तो मरने से नहीं डरो रे।

'मरण के मुख पर चरण धरो' से कवि का क्या तात्पर्य है?

1
कवि का तात्पर्य है कि वह मौत से डरे क्योंकि मौत से सभी डरते हैं।
2
मरण के मुख पर चरण धरो से कवि का तात्पर्य है कि वह मौत से ना डरे अपितु मौत को अपने व़श में करें।
3
मरण के मुख पर चरण धरो से कवि का तात्पर्य है कि वह मौत से डरे किन्तु जीवन को अपने व़श में करें।
4
उपर्युक्त में से एक से अधिक
5
उपर्युक्त में से कोई नहीं

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation