सत्य कथन हैं:
A. वैदर्भी रीति में ओजगुण प्रकाशक वर्णों की अधिकता होती है।
B. भरत के नाट्यशास्त्र में रीति के लिए 'प्रवृत्ति' शब्द का उल्लेख है।
C. वामन ने रीति के पाँच प्रकार माने हैं वैदर्भी, गोड़ी, पांचाली, शोरसैनी ओर लाटीया।
D. कुंतक ने रीति को मार्ग कहा है।
E. भोज ने 'अवन्तिका' और 'मागधी' नामक दो नई वृत्तियों की उद्भावना की।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
1
केवल A, B और C
2
केवल B, D और E
3
केवल C, D और E
4
उपर्युक्त में से एक से अधिक
5
उपर्युक्त में से कोई नहीं