"मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई
जाके सर मोर मुकुट मेरो पति सोई।।
साधुन संग बैठि बैठि लोक-लाज खोई।
अब तो बात फैल गई जाने सब कोई।।"
उपर्युक्त पंक्तियों में निम्न में से कौन-सा रस है?
1
हास्य रस
2
भक्ति रस
3
वीभत्स रस
4
करूण रस
"मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई
जाके सर मोर मुकुट मेरो पति सोई।।
साधुन संग बैठि बैठि लोक-लाज खोई।
अब तो बात फैल गई जाने सब कोई।।"
उपर्युक्त पंक्तियों में निम्न में से कौन-सा रस है?