भू में रमी शरद की कमनीयता थी।
नीला अनंत नभ निर्मल हो गया था ।।
थी छा गई कुकुभ में अमिता सिताभा।
उत्फुल सी प्रकृति थी प्रतिभास होती ।।
इस काव्यांश में छंद है -
1
वंशस्थ
2
वसंततिलका
3
मन्दाक्रान्ता
4
मालिनी
भू में रमी शरद की कमनीयता थी।
नीला अनंत नभ निर्मल हो गया था ।।
थी छा गई कुकुभ में अमिता सिताभा।
उत्फुल सी प्रकृति थी प्रतिभास होती ।।
इस काव्यांश में छंद है -