दिए गए गदयांश को ध्यानपूर्वक पढ़े और प्रश्नों के उत्तर दें।
आज़ादी के बाद भारतीय संविधान में सभी जाति, धर्म, संप्रदाय के स्त्री पुरुषों को सामान रूप से शिक्षा प्रदान करने का अधिकार सभी नागरिकों को दिया गया तथा स्त्री शिक्षा के प्रसार के लिए राष्ट्रीय महिला शिक्षा समिति, राष्ट्रीय महिला शिक्षा परिषद् हंसा महता समिति आदि का गठन स्त्री शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। आज ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सामान रूप से बालिका शिक्षा का प्रतिशत उल्लेखनीय रूप से बढ़ रहा है। सार्वजानिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे चिकित्सा, अभियांत्रिकी, तकनीक, विज्ञान, खेल, प्रबंधन, भूगर्भ विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, राजनीति तथा समाज सेवा के क्षेत्रों में अनेक शिक्षित महिलाओं ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्र के निर्माण में योगदान दिया है। कहते हैं एक पुरुष के शिक्षित होने पर केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है जबकि एक महिला के शिक्षित होने पर पूरा परिवार शिक्षित होता है। हमारी वर्तमान भारत सरकार ने भी बालिका शिक्षा को लेकर कई उपक्रम चलाए हैं तथा अनेक शिक्षण संस्थान स्त्रियों के लिए विशेष रूप से स्थापित किये गए हैं। आज शिक्षा के हर क्षेत्र में स्त्रियाँ पुरुषों से आगे निकल रही हैं।