"स्वाभाविक पर भी नियंत्रण जरूरी होता है। संयम ही संस्कृति है। व्यवहार रूढ़ि बनकर संस्कृति कहलाता है।"
उपर्युक्त कथन झूठा-सच उपन्यास में किस पात्र का है?
1
तारा
2
जयदेव पुरी
3
प्राणनाथ
4
नैयर
"स्वाभाविक पर भी नियंत्रण जरूरी होता है। संयम ही संस्कृति है। व्यवहार रूढ़ि बनकर संस्कृति कहलाता है।"
उपर्युक्त कथन झूठा-सच उपन्यास में किस पात्र का है?