"पहार अपार कैलास से कोटिन ऊँची शिखा लगि अम्बर कहूं।
निहारत दीठि भ्रमै पगिया गिरि जात उतंगता ऊपर झूम।।"
उपर्युक्त पंक्ति किस कवि की है?
1
भारतेन्दु हरिश्चंद्र
2
ठाकुर जगमोहन सिंह
3
प्रतापनारायण मिश्र
4
बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन'
"पहार अपार कैलास से कोटिन ऊँची शिखा लगि अम्बर कहूं।
निहारत दीठि भ्रमै पगिया गिरि जात उतंगता ऊपर झूम।।"
उपर्युक्त पंक्ति किस कवि की है?